दद्दू प्रसाद जी के बारे में

श्री दद्दू प्रसाद जी एक अनुभवी राजनेता एवं सामाजिक चिंतक हैं। वे जमीनी स्तर से उठकर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान तक पहुँचे।

Social Work
दद्दू प्रसाद उत्तर प्रदेश के एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो लंबे समय तक राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने माणिकपुर–सरहट विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक (MLA) के रूप में प्रतिनिधित्व किया है।

उनका जन्म 15 अक्टूबर 1967 को ग्राम गोयरा मुगली, ज़िला बाँदा में हुआ, जो बाँदा–महोबा रोड पर बाँदा शहर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और उनका जीवन प्रारंभ से ही गाँव की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ा रहा है।

पेशेवर रूप से दद्दू प्रसाद कृषि एवं मत्स्य पालन से जुड़े रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वे एक पेट्रोल पंप के संचालन से भी संबंधित रहे हैं। इस अनुभव के कारण उन्हें स्थानीय स्तर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई।

अपने राजनीतिक जीवन में वे बहुजन समाज पार्टी (BSP) से संबद्ध रहे हैं और राज्य विधानसभा की कार्यवाही एवं जनप्रतिनिधित्व में भागीदारी निभाई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया है, जहाँ उन्हें निर्धारित विभागीय दायित्व सौंपे गए थे।

दद्दू प्रसाद का सार्वजनिक जीवन लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत राजनीतिक सहभागिता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर केंद्रित रहा है।

राजनीतिक यात्रा एवं योगदान

दद्दू प्रसाद

बहुजन समाज पार्टी (BSP), उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री

नाम – दद्दू प्रसाद
पिता का नाम – श्री बुद्धू प्रसाद
पत्र व्यवहार पता – म.नं. 1/1000, विनय खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, पिन-226010
मोबाईल नम्बर – 9415902994, 8795132881
पत्नी का नंबर – 8400974444
क्षेत्र निवास – ग्राम- कालूपुर पाही, पोस्ट- सेमरिया चरन दासी, ज़िला- चित्रकूट, उत्तर प्रदेश, पिन-210205
जन्म तिथि – 05 अक्टूबर 1967
जन्म स्थान – ग्राम गोयरा मुगली, ज़िला बाँदा (बाँदा शहर से 10 किमी दूर बाँदा-महोबा रोड पर)
जाति – चमार (अनुसूचित जाति)
धर्म – बौद्ध
शैक्षिक योग्यता – इंटरमीडिएट एवं सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा (लखनऊ से)
पेशा – कृषि एवं मत्स्य पालन, एक पेट्रोल पम्प

मुख्य योगदान और कार्य

  • दलित-बहुजन सशक्तिकरण: शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सम्मान के मुद्दों को विधानसभा और जनसभाओं में प्रमुखता से उठाया। ग्रामीण विकास: सड़क, पेयजल, बिजली और सिंचाई जैसे बुनियादी ढांचे पर जोर। सामाजिक न्याय: आरक्षण, समान अवसर और प्रशासनिक जवाबदेही के लिए मुखर भूमिका। संगठन निर्माण: जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में आगे लाने पर बल।

परिवार

माता-पिता – दोनों दिवंगत
पत्नी – हीरा देवी अहिरवार (लवकुश नगर, ज़िला छतरपुर, म.प्र. से)
1993-94 में बसपा की जिलाध्यक्ष रही हैं।
आश्रित बच्चे – दो पुत्रियाँ एवं दो पुत्र
1. अनामिका (28 वर्ष) – आर्टिस्ट
2. अस्मिता (26 वर्ष) – फैशन डिज़ाइनर
3. उत्कर्ष कुमार (25 वर्ष) – फ़िल्म एडिटर
4. उत्सव कुमार (18 वर्ष) – स्कूलिंग में

सामाजिक एवं राजनैतिक यात्रा विवरण

विचारधारा – भगवान बुद्ध, संत कबीर, रैदास, महात्मा ज्योतिबा राव फुले, छत्रपति शाहू जी महाराज, पेरियार ई.वी. रामासामी नायकर, डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं मान्यवर कांशीराम जी की मानवतावादी, समतावादी एवं सामाजिक परिवर्तन की विचारधारा से प्रभावित।
• जुलाई 1987 में मान्यवर कांशीराम जी के आह्वान पर पूर्णकालिक प्रचारक बने।
• 1983 में डी.एस.-4 के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल।
• 1984 में बहुजन समाज पार्टी में शामिल।
• अगस्त 1984 में मंडल कमीशन रिपोर्ट के समर्थन में जेल भरो आंदोलन में शामिल होकर जेल यात्रा।
• 1984 से 1990 तक मंडल कमीशन रिपोर्ट के समर्थन में लगातार आंदोलन।
• 1990 में बसपा का बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रभारी अध्यक्ष नियुक्त।
• 1991 में इटावा लोकसभा क्षेत्र का सह-प्रभारी नियुक्त।
• 1993 में मानिकपुर विधानसभा सीट से प्रथम बार चुनाव लड़ा (3000 वोटों से पराजित)।
• 1996 से 2012 तक लगातार तीन बार मानिकपुर से विधायक निर्वाचित।
• 2003 से 2011 तक बसपा का बुंदेलखंड ज़ोन प्रभारी।
• 2007 में उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री नियुक्त।
• 2009 से पूर्वांचल के कई मंडलों का प्रभारी।
• 2012 से 2015 तक उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश प्रभारी।
• 2015 से सामाजिक परिवर्तन मिशन के माध्यम से आंदोलन।
• 2019 में मानिकपुर उपचुनाव में सपा उम्मीदवार को समर्थन।
• 2019 लोकसभा चुनावों में सपा-बसपा गठबंधन को समर्थन।
• 2022 विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को समर्थन।
• नरैनी विधानसभा सीट से टिकट घोषित, परंतु चरित्र हनन के आरोपों के कारण टिकट नहीं मिला।
• दलित, पिछड़ा वर्ग, आदिवासी एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों में भाईचारा निर्माण का प्रयास।
• पंचशील का पालन।
• उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में व्यापक जनसमर्थन।

राजनीतिक विचार और पहचान

  • दद्दू प्रसाद की पहचान एक स्पष्टवादी और निर्भीक नेता के रूप में है। वे पार्टी के भीतर वैचारिक बहस और आत्ममंथन के समर्थक रहे हैं। सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध खुलकर बोलना उनकी राजनीतिक शैली का प्रमुख हिस्सा रहा।

विरासत

  • उत्तर प्रदेश की दलित-बहुजन राजनीति में दद्दू प्रसाद का योगदान उल्लेखनीय माना जाता है। उन्होंने न केवल प्रतिनिधित्व किया, बल्कि सामाजिक चेतना और राजनीतिक भागीदारी को भी मजबूत किया।

कमज़ोरियाँ

A. अक्टूबर 2011 में चरित्र हनन का षड्यंत्र – बलात्कार का झूठा आरोप।
• एफआईआर में नामित नहीं, चार्जशीट में नाम नहीं।

• 2012 में पुनः विवेचना में निर्दोष साबित।
• 2014 में आरोप लगाने वाली महिला और अभियुक्त ने आपस में शादी कर ली।
B. जुलाई 2007 में चित्रकूट के जंगलों में दस्यु ददुवा का एनकाउंटर – विरोधियों का दुष्प्रचार कि दद्दू प्रसाद ने ददुवा को मरवाया।